दिनांक 30 सितम्बर 2022 को आदिवासी पटेल संसद के नेतृत्व मैं पटेल महापंचायत ग्राम सभा सम्मेलन बैठक हुईं !
सर्वप्रथम आदिवासी क्रान्तिकारी पुर्खा के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित करें, तत्पश्चात् कार्यक्रम को सम्बोधित किया गया !
आदिवासी एकता परिषद के अध्यक्ष आदिवासी मुक्ति संगठन के महासचिव आप #गजानन्द_ब्राहमणे ने बताया आदिवासी क्षेत्रों मैं 5 वी अनुसूची लागू हैं.
पंचायत उपबंध (अनुसुचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996 लागू हैं, इस अधिनियम धारा 4 (ख) (घ) के तहत संसाधन पर नियंत्रण करने एवं विवाद निपटाने का अधिकार ग्राम सभाओं को मिला हुआ है, इसलिए आदिवासी समाज में डकेटी और हत्या को छोड़कर फौजदारी मामले को निपटाने का अधिकार ग्राम सभा को हैं, लेकीन आदिवासी क्षेत्र मैं IPC CRPC के तहत एवम हिन्दू विवाह कानून 1955,56 के तहत आदिवासी युवाओं को झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल मैं डाला जा रहा हैं ! आप पोरलाल_खरते जी कहा आदिवासी पटेल संसद केे माध्यम से आदिवासी परंपराओ बचाओ एवं बुराइयों को दूर करने हेतू, दहेज प्रथा,रूढ़ि प्रथा,ग्राम सभा जिमसें सँविधान के 13 (3) क के तहत रूढ़ि प्रथा ही विधी का बल प्राप्त हैं,,,5 वी व 6 टी अनुसूचित को अमल मैं कैसे लाए !

दुनिया में प्रकृति व आदिवासी समाज के अस्तित्व का संकट, भोगवादी सभ्यता के विकसित होने से खड़ा हुआ है ! आज विकास के नाम पर प्रकृति का अमर्यादित दोहन हो रहा है, जिससे मानवीय मूल्य जो कि आदिवासी जीवन-शैली में मौजूद है जैसे- सादगी,प्रेम,सहिष्णुता,सहकारिता स्वतंत्रता,बन्धुता, संवादिता, सामूहिकता एवं स्वशासन को गहरी चोट पहुंच रही है !
आज आदिवासियों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है ! हमारी संस्कृति पर आक्रमण हो रहा है, हमारी पहचान मिटाई जा रही है, लोग गरीबी,कुपोषण,भूखमरी,बीमारी आदि से मर रहे हैं ! शिक्षा नीति के माध्यम से गरीबों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोका जा रहा है ,निर्दोष एवं गरीब लोगों पर झूठे व गलत मुकदमे चलाकर जेल में डाला जा रहा है ,विविध प्रकार के आक्रमण करके आदिवासियों के अस्तित्व को मिटाया जा रहा है जो मानवता के लिए ठीक नहीं है ! विकास के बहाने जल,जंगल,जमीन व खनिज संपदा लुटी जा रही है ! इससे प्रकृति का पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है ! इन सब के प्रभाव से प्रकृति ने अपना भयावह रूप जैसे- बाढ़,भूकंप, तूफान,अनावृष्टि,अतिवृष्टि,ओलावृष्टि भूस्खलन, अत्यधिक गर्मी व सर्दी आदि के रूप में दिखाना प्रारंभ कर दिया है !
दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है ! संविधान की पांचवी और छठी अनुसूची का उल्लंघन करते हुए बड़ी-बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से आदिवासियों का विस्थापन लगातार जारी है ! जैसे- बड़े-बड़े बांधों का निर्माण ,स्टेचू ऑफ यूनिटी ,बड़े-बड़े हाईवेज, इंडस्ट्रियल कॉरीडोर ,नेशनल पार्क ,रिवर लिंक परियोजना, नदियों के नाम पर सुपर एक्सप्रेस वे ,मेट्रो व बुलेट ट्रेन ,सेज यूनिट, बड़े-बड़े बंदरगाह आदि !
इन सबसे छुटकारा पाने हेतु देश के कमजोर तबकों,आदिवासियों, मजदूरों,किसानों,महिलाओं, बुद्धिजीवियों व समाज चिंतकों को जागना व जगाना होगा ! आज के इन हालातो को देखते हुए देश व समाजहित में काम करने वाले संगठित लोगों और संस्थाओं को भी आत्ममंथन करने की आवश्यकता महसूस हो रही है ! जंगलों को फिर से हरा-भरा करना होगा, नदियों को फिर से जीवित करना होगा, सभी लोगों को पीने योग्य पानी, दो वक्त की रोटी, तन ढकने के लिए कपड़ा और शुद्ध प्राणवायु मिले ऐसा प्रयास हम सबको मिलकर करना होगा !
निर्णायक कदम : समाज कल्याण उत्थान और पुर्खा नियम कायदे कानून व्यवस्था बनाए जाए तो गांव सुधरेगा और परिवर्तन होगा इसलिए, कही गांव पटेल सही नहीं है,तो कही गांव अशामी सही नहीं है,जिसके कारण गांव में तोड़ फोड़ का सिस्टम गांव में चल रहा हैं, और धार्मिक गुलाम और नेतागिरी ऐसी व्यवस्था से भी समाज का भाई भाई में नहीं फुट चल री है इसलिए पुर्खा पारंपरिक रूड़ी गत नियम बनाए जाए !
वक्ताओ द्वारा जो 9 मुद्दे पर सभी बड़वानी जिले के पटेल और खरगोन जिले के पटेल और महाराष्ट्र के भी पटेल सभी बैठ कर चर्चा कर के निर्णय लिया गया है देजा एक समान हो, और नियम कायदे कानून व्यवस्था बनाए गांव के, गांव के मुखिया पांच गांव पटेल गांव डाहाला गांव पुजारा गांव वार्ती गांव कुटवाव के साथ हर गांव के युवा साथी की एक सीमिती 11 लड़को की रहेंगी जो गांव का और क्षेत्र की निगरानी करेंगे, तो गांव के लोग नियम कायदे से चलेंगे !
पूर्वो विगत दिनों मैं सेंधवा निवाली गवाड़ी, चाटली, झोपाली, धनौरा, चाचरिया, मालवन सोलवन, वरला, बलवाड़ी, धवली क्षेत्रों मैं अलग-अलग गावों में छोटी-छोटी बैठके आयोजित करके आज यह महापंचायत सभा हुईं आगामी दिनों मैं जिला स्तरीय पटेल महासम्मलेन किया जाएगा, जिसमें अलग-अलग राज्यों के बुद्धिजीवी वरिष्ठ गणमान्य अतिथियों के हमारे बीच शामिल होगें...! धन्यवाद
इस दौरान : बड़वानी जिले सेंधवा वरला तहसील के सभी गांव पटेल,गांव डाहला, गांव पुजारा, गांव वारती, गांव कुटवाव और सभी जन संगठन आदिवासी कर्मचारी आधिकारी (आकास) आदिवासी युवा साथी समाज के जनप्रतिनिधि सरपंच पंच गण अन्य साथी ऊपस्थित रहें!
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