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आदिवासियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मंत्रालय मुंबई में मंत्री एवं विधायक के साथ होगी बैठक


मुंम्बई:आदिवासियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मंत्रालय मुंबई में मंत्री एवं विधायक साथ होगी बैठक

 03 जुलाई बुधवार को विधायक निवास मुंबई में विधायक अमाश्या पाडवी से मुलाकात कर सामाजिक विकास के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। एवं आज खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री धर्मराव बाबा अत्राम ने मुंबई में मुलाकात की और उन्हें आदिवासी समाज के विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी और उन पर चर्चा करने के लिये सभी विधायक को बैठक  मे उपस्थि होने का निवेदन किया!  





चर्चा के तुरंत बाद निम्नलिखित मुद्दों को लेकर माननीय धर्मरावबाबा अत्राम ने कहा कि आज दोपहर माननीय विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल साहब एवं सर्वदलीय विधायको के साथ विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल साहब के सभाकक्ष में सभी दलों के आदिवासी विधायकों की बैठक आयोजित की गई है चर्चा के लिए ऑल इंडिया आदिवासी एम्प्लॉईज फेडरेशन के प्रोफेसर मधुकर उइके एवं श्रीकांत मालवी को प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

कुछ विधायक और मंत्री से मुलाकात आज की जाएगी:

 कल ०३ जुलाई बुधवार को सभागार में बैठक चालु होने की वजह से कई आदिवासी विधायको से मुलाकात नही होने से आज पुन्ह उनसे मुलाकात कर के बैठक कर चर्चा की जायेंगी और समाज को न्याय दिलाने की मांग कि जायेंगी!

कुछ विधायक और मंत्री सभागृह में कामकाज चालू होने के दौरान व्यस्त होने की वजह से अन्य विधायक और मंत्री जी से मुलाकात आज की जाएगी*

बैठक के पछात कहा कि निम्नलिखित मुद्दे पर आज विधानसभा उपाध्यक्ष के कक्ष में सभी दलों के आदिवासी विधायकों की बैठक बुलाई जाएगी और संगठन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी.

आज इन मुद्दों पर होगी बैठक:

1) माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार फर्जी आदिवासियों द्वारा हड़पे गए 12500 पदों की भर्ती प्रक्रिया।

2)  29 मई 2017 के अनुसार छोटे संवर्ग में बिन्दु नामाविली में संशोधन करना।

3) पेसा क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया को नया रूप देना।

4) आदिवासी जनजाति में किसी नई जनजाति को शामिल नहीं किया जाना चाहिए.

5)प्रोफेसर भर्ती में जातिवार आरक्षण अधिनियम को खत्म करना, प्रोफेसर भर्ती में आदिवासियों को जगह देना।सहीत अन्य विषयों पर हुई चर्चा

इस अवसर पर उक्त बैठक में अखिल भारतीय आदिवासी कर्मचारी महासंघ के केंद्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर मधुकर उइके एवं श्रीकांत मालवी हर्षल गेडाम, दीपक पेंदाम, रिनेश पावरा आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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