धवलीविहीर, अमरिसनगर, अंजनपाड़ा में पिछले दो माह से नागरिक भय में जीवन बिता रहे हैं, रहस्यमयी भूमिगत शोर से डर आज भी डरी हुई है जनता।
मध्यप्रदेश का आखरी जिला बड़वानी और महाराष्ट्र का आखरी जिला धुलिया दोनो सीमावर्ती प्रदेश है महाराष्ट्र के धुलिया जिले के क्षेत्र के धवलीवीर, अमरिसनगर, अंजनपाड़ा क्षेत्र के नागरिक हर रात भूमि गत होने वाले रहस्यमय शोर से डरते सै भयभीत है और पिछले कई दिनों से उनकी नींद उड़ गई है। इस बीच, संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद भी प्रशासन गंभीरतापूर्वक संज्ञान नही लेरहा उसी बिच न्युज पेपर "नवभारत " ने दखल अंदाजी कर के इस बारे मे प्रमुखता से मिडीया मे उठाया उसी प्रभाव से प्रशासन ने आनन फानन मे जाग आई और टिम गठित कर उक्त स्थान पर दौरे पर भेजे लेकिन यह खोज जाच दल भी कही गुम होगया ऐसा आरोप क्षेत्र के रहवासी लगा रहे है और डर आज भी सता रहा है की यह रहस्यम आवाज है क्या ?? शासन प्रशासन साबित करता है कि प्रशासन नागरिकों के प्रति कितना असंवेदनशील है। नागरिकों के मुताबिक यहां हर रात तेज आवाज होती है। कभी-कभी दीवार पर लगे बर्तन नीचे गिर जाते हैं। उन्होंने कहा कि तरह-तरह की चर्चाओं से नागरिकों में भय का माहौल है और जान को खतरा है. क्या मौत के बाद तालुका प्रशासन संज्ञान लेगा? ऐसा सवाल उठाया जा रहा है। नागरिकों की मांग है कि तालुका प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिये।

9 अक्टूबर को बिरसा फायटर्स की एक टीम ने क्षेत्र का दौरा किया और समस्याओं के बारे में जानने के लिए नागरिकों से बातचीत की। इस समय बिरसा फायटर्स की एक टीम ने जिला और तालुका प्रशासन को जगाने का वादा किया।
इसी बिच महाराष्ट्र में उभरती हुई संघटन शक्ती "बिरसा फायटर्स" शासन प्रशासन की दिरंगाई पर नाराज होकर सोई हुई प्रशासनिक मामलेे को जगाने का काम करने का आश्वसान दिये,उक्त क्षेत्रों मे जाकर ग्रामीणों से मिलकर बिरसा फायटर्स की और से सारी जानकारी खंगाली जारही है और लोगो को डर भय से मुक्त कराने के लिये उन्हे एकत्रीत कर समझाया जारहा है और विश्वास दिला रहे है की हम आपके साथ है किसी भी हाल मे सरकार को इस ओर खिचकर लायेगे और सभी जाच दलो को यहा आने पर मजबुर करेगे और रहस्यम आवाज का खुलासा करवाने की बात कही गई!
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