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शिरपूर तहसील कार्यालय के बाहर बिरसा आर्मी का आंदोलन: राशन कार्ड समेत विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन

शिरपूर तहसील कार्यालय के बाहर बिरसा आर्मी का आंदोलन: राशन कार्ड समेत विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन
बिरसा आर्मी के सदस्य शिरपूर तहसील कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए। आंदोलन में राशन कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी मांगों को उठाया गया।


शिरपूर, महाराष्ट्र – धुले जिले के शिरपूर तहसील कार्यालय के बाहर बिरसा आर्मी के सदस्यों ने सामाजिक और आर्थिक मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन वंचित और गरीब वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

बिरसा आर्मी एक सामाजिक संगठन है, जो आदिवासी और पिछड़े वर्गों के हक की लड़ाई लड़ता है। इस बार उन्होंने राशन कार्ड, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और गरीबों के अधिकारों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला।




बिरसा आर्मी की मुख्य मांगें

आंदोलन के दौरान बिरसा आर्मी ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं:

1️⃣ राशन कार्ड की समस्याओं का समाधान हो

पात्र गरीबों को नवीन राशन कार्ड दिए जाएं।

NPHH (Non-Priority Household) कार्ड को PHH (Priority Household) कार्ड में बदला जाए, ताकि गरीबों को ज्यादा राशन मिले।

अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाए।

राशन वितरण प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर अनाज मिल सके।


2️⃣ संजय गांधी निराधार योजना का सही क्रियान्वयन हो

योजना के अंतर्गत दी जाने वाली आर्थिक सहायता समय पर मिले।

इस योजना की एक निगरानी समिति बनाई जाए, जिससे सही लोगों तक लाभ पहुंचे।


3️⃣ सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो

बिरसा आर्मी ने सरकार से अपील की कि निम्नलिखित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए:

प्रधानमंत्री आवास योजना – गरीबों के लिए घरों का निर्माण तेजी से हो।

पेंशन योजना – वृद्ध, विधवा और विकलांग लोगों को पेंशन समय पर मिले।

कृषि योजना – किसानों को सब्सिडी, खाद और बीज की सुविधाएं मिलें।

शिक्षा योजना – गरीब और आदिवासी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता दी जाए।

स्वास्थ्य योजना – सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।





राशन कार्ड पर सरकार की लापरवाही से नाराजगी

राशन कार्ड गरीबों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिससे वे सस्ती दरों पर अनाज प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन वर्तमान में कई गरीब परिवार इससे वंचित हैं।

बिरसा आर्मी के कार्यकर्ताओं का कहना था:
✔️ कई पात्र परिवारों के नाम सूची में नहीं हैं।
✔️ कुछ लोगों के राशन कार्ड बिना कारण निष्क्रिय कर दिए गए हैं।
✔️ कई परिवारों को अनियमित रूप से राशन मिल रहा है।

आंदोलनकारियों ने सरकार से इस समस्या का समाधान करने की अपील की, ताकि कोई भी जरूरतमंद भूखा न रहे।


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प्रशासन की प्रतिक्रिया

आंदोलन के दौरान बिरसा आर्मी के नेताओं ने शिरपूर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।

✔️ तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
✔️ हालांकि, बिरसा आर्मी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।




जनता की प्रतिक्रिया

✅ इस आंदोलन को स्थानीय जनता का भी समर्थन मिला।
✅ नागरिकों ने कहा कि राशन कार्ड जैसी बुनियादी सुविधा हर गरीब को मिलनी चाहिए।
✅ कई लोगों ने बताया कि सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर चलती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है।




आंदोलन का भविष्य: आगे क्या होगा?

अगर प्रशासन समस्या का त्वरित समाधान करता है, तो इस आंदोलन का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन अगर सरकार ने इसे हल्के में लिया, तो आंदोलन राज्यव्यापी हो सकता है।

बिरसा आर्मी ने साफ कर दिया है कि
⚠️ अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
⚠️ यह आंदोलन केवल शिरपूर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।

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शिरपूर तहसील कार्यालय के बाहर बिरसा आर्मी का यह आंदोलन सिर्फ राशन कार्ड की समस्या तक सीमित नहीं है। यह वंचित वर्गों के अधिकारों और सरकारी लापरवाही के खिलाफ एक बड़ा संदेश है।

अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और गरीबों की समस्याओं को हल करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।

अगर प्रशासन ने इसे हल्के में लिया, तो बिरसा आर्मी का आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।

क्या सरकार गरीबों की आवाज सुनेगी? या यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा? यह देखने वाली बात होगी।


   दरमियान आंदोलन को शिरपुर फर्स्ट संगठन ने पूर्ण समर्थन दिया और अध्यक्ष स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने लिखित समर्थन पत्र भी दिया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों का उत्स्फूर्त समर्थन प्राप्त हुआ।

  इस अवसर पर बिरसा आर्मी के राज्य अध्यक्ष मनोज पावरा, जिला समन्वयक गेद्या पावरा, बिरसा ब्रिगेड के सातपुड़ा विभाग अध्यक्ष सुंदरलाल पावरा, प्रवीन पावरा, विलास पावरा, काकड़्या पावरा, सुखाराम पावरा, राजाराम पावरा, जितेंद्र पावरा, शुभम पावरा, ईश्वर पावरा आदि उपस्थित थे।




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